HomeBlogरेलवे बोर्ड बिल्डिंग शिमला

रेलवे बोर्ड बिल्डिंग शिमला

अंग्रेजों के जमाने की इस बिल्डिंग की है जबरदस्त खासियत

रेलवे बोर्ड बिल्डिंग शिमला, जिसे “हरबर्ट हाउस” के नाम से भी जाना जाता है, ब्रिटिश काल के दौरान बनाई गई थी और यह भारतीय उपमहाद्वीप की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है। यह इमारत अपने वास्तुकला, ऐतिहासिक महत्व और भूकंप रोधी तकनीक के लिए प्रसिद्ध है। शिमला की खूबसूरत पहाड़ियों में स्थित यह इमारत आज भी अपनी अनूठी विशेषताओं के कारण पर्यटकों और इतिहास के शोधकर्ताओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय है।

निर्माण का इतिहास

रेलवे बोर्ड बिल्डिंग का निर्माण सन 1896-97 में बॉम्बे बेस्ड फर्म रिचर्डसन एंड क्रुडास द्वारा किया गया था। इस इमारत के निर्माण में 4,08,476 रुपए की लागत आई थी, जो उस समय की एक बड़ी राशि थी। यह इमारत अपने समय में ब्रिटिश औपनिवेशिक प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र थी और इसे भूकंप रोधी तकनीक का उपयोग करके बनाया गया था, जो इसे उस समय की अन्य इमारतों से अलग बनाता है।

निर्माण की विशेषताएं

आयरन कास्ट-स्टील से बना भवन

रेलवे बोर्ड बिल्डिंग का पूरा स्ट्रक्चर आयरन कास्ट और स्टील से बनाया गया है। इस इमारत का निर्माण इस प्रकार किया गया था कि यह आग और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बच सके। यह इमारत उस समय की इंजीनियरिंग और वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

भूकंप रोधी तकनीक

शिमला पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जहां भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। इस खतरे को ध्यान में रखते हुए ब्रिटिश इंजीनियरों ने इस इमारत को भूकंप रोधी तकनीक से बनाया था। इस इमारत के लोहे के स्ट्रक्चर ने इसे कई बार भूकंप और अग्निकांड जैसी आपदाओं से सुरक्षित रखा है।

इमारत की वास्तुकला

रेलवे बोर्ड बिल्डिंग की वास्तुकला अपने आप में अद्वितीय है। इसकी चार मंजिलें हैं, जिनमें ऊपर चढ़ने के लिए लोहे की सुंदर सीढ़ियां बनाई गई हैं। ये सीढ़ियां वास्तुकला का ऐसा नमूना पेश करती हैं जिससे इस इमारत को बेहद ही रॉयल और ताज महल जैसी खूबसूरती मिलती है।

आंतरिक और बाह्य सजावट

इस इमारत की आंतरिक और बाह्य सजावट भी अत्यंत सुंदर और आकर्षक है। इमारत की दीवारों पर की गई नक्काशी और पेंटिंग्स उस समय की कला और संस्कृति को दर्शाती हैं। इसके अलावा, इमारत की खिड़कियों और दरवाजों पर की गई नक्काशी भी बेहद आकर्षक है।

ऐतिहासिक महत्व

रेलवे बोर्ड बिल्डिंग का ऐतिहासिक महत्व भी बहुत अधिक है। यह इमारत भारत के ब्रिटिश औपनिवेशिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और उस समय की इंजीनियरिंग और वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

प्रशासनिक महत्व

इस इमारत का उपयोग ब्रिटिश प्रशासन द्वारा रेलवे बोर्ड और कॉमर्स विभाग को चलाने के लिए किया गया था। यह इमारत उस समय के महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्रों में से एक थी और इसे कई महत्वपूर्ण निर्णयों का साक्षी भी माना जाता है।

आग और भूकंप के खिलाफ सुरक्षा

रेलवे बोर्ड बिल्डिंग का निर्माण इस प्रकार किया गया था कि यह आग और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बच सके। इसके आयरन और स्टील के बने स्ट्रक्चर ने इसे भयंकर अग्निकांड से बचा‌ लिया। यह इमारत उस समय की इंजीनियरिंग और वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

पर्यटन और आकर्षण

आज इस इमारत को देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं। इसकी ऐतिहासिकता और वास्तुकला के कारण इसे एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल माना जाता है। इसके साथ ही यह इमारत शिमला की धरोहर के रूप में भी जानी जाती है।

पर्यटकों के लिए आकर्षण

इस इमारत की खूबसूरती और वास्तुकला पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इसके अलावा, इस इमारत के आसपास के क्षेत्र में कई अन्य पर्यटन स्थल भी हैं, जो इसे और भी आकर्षक बनाते हैं।

शिमला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा

रेलवे बोर्ड बिल्डिंग शिमला की पहचान और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस इमारत को देखने के लिए हर साल लाखों पर्यटक आते हैं और इसकी ऐतिहासिकता और वास्तुकला का आनंद लेते हैं।

संरचना और डिज़ाइन

रेलवे बोर्ड बिल्डिंग की संरचना और डिज़ाइन अपने आप में अनूठा है। इसका निर्माण इस प्रकार किया गया था कि यह समय की कसौटी पर खरा उतरे और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रहे।

लोहे की सीढ़ियां

इस इमारत की चार मंजिलें हैं, जिनमें ऊपर चढ़ने के लिए लोहे की बेहद सुंदर सीढ़ियां बनाई गई हैं। ये सीढ़ियां वास्तुकला का ऐसा नमूना पेश करती हैं जिससे इस इमारत को बेहद ही रॉयल और ताज महल जैसी खूबसूरती मिलती है।

आयरन कास्ट-स्टील स्ट्रक्चर

इमारत का पूरा स्ट्रक्चर आयरन कास्ट और स्टील से बनाया गया है, जो इसे आग और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाता है।

प्राचीनता और आधुनिकता का संगम

रेलवे बोर्ड बिल्डिंग में प्राचीनता और आधुनिकता का एक सुंदर संगम देखने को मिलता है। इस इमारत की वास्तुकला और निर्माण तकनीक उस समय की अद्वितीयता को दर्शाती है।

शिमला के विकास में योगदान

इस इमारत ने शिमला के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ब्रिटिश काल में यह इमारत शिमला के प्रशासनिक और व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र थी। इसके निर्माण ने शिमला को एक महत्वपूर्ण स्थान के रूप में स्थापित किया और इसके विकास को गति दी।

आज की स्थिति

आज इस इमारत को एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित किया गया है। इसे देखने के लिए हर साल लाखों पर्यटक आते हैं और इसकी ऐतिहासिकता और वास्तुकला का आनंद लेते हैं। इसके अलावा, इस इमारत का उपयोग आज भी प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जा रहा है।

रेलवे बोर्ड बिल्डिंग का भविष्य

रेलवे बोर्ड बिल्डिंग का भविष्य भी बहुत उज्ज्वल है। इसे एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में और भी विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, इसे एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित किया जा रहा है ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसकी ऐतिहासिकता और वास्तुकला का आनंद ले सकें।

रेलवे बोर्ड बिल्डिंग शिमला का एक महत्वपूर्ण और अद्वितीय स्थान है जो न केवल इतिहास के पन्नों में बल्कि आज भी अपनी अद्वितीयता और खूबसूरती के कारण जीवित है। इस इमारत की वास्तुकला, निर्माण तकनीक और ऐतिहासिक महत्व इसे एक महत्वपूर्ण धरोहर बनाते हैं। शिमला की इस पहचान और धरोहर को संरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसका संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है।

अंततः, रेलवे बोर्ड बिल्डिंग शिमला का एक महत्वपूर्ण और अद्वितीय स्थान है जो न केवल इतिहास के पन्नों में बल्कि आज भी अपनी अद्वितीयता और खूबसूरती के कारण जीवित है। यह इमारत भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। इसके अलावा, इसे एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना और भी महत्वपूर्ण है ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसकी ऐतिहासिकता और वास्तुकला का आनंद ले सकें।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments